शनिवार, 7 मई 2011

उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा षुरू

उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा षुरू
देहरादून 07 मई,। उत्तराखण्ड में प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुक्रवार को प्रसिद्ध तीर्थधाम गंगोत्री एंव यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो गई है। 08 मई को केदारनाथ धाम तथा 09 मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। चारधाम यात्रा में देष-विदेष से लाखों की संख्या में श्रद्धालु व तीर्थ यात्री आते है। राज्य सरकार द्वारा भी इस बार चारधाम यात्रा को सफल और सुगम बनाने के सभी प्रयास किये गये है।
शुक्रवार को धार्मिक परंपरानुसार अक्षय तृतीया को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ इन कपाटों को खोल दिया गया है। भव्य शोभायात्राओं के साथ यमुना एवं गंगा जी डोलियॉं अपने शीतकालीन प्रवास स्थलों से पूर्वाह्न में यमुनोत्री एवं गंगोत्री में पहूॅुंचीं। धार्मिक परंपरानुसार पूजाभिषेक कर शुभमूहर्त पर यमुनोत्री धाम में अपराह्न 12.35 तथा गंगोत्री धाम में अपराह्न 12.55 बजे कपाटोद्घाटन हुआ। हल्की बारिष के बावजूद गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने के अवसर पर हजारों की संख्या में देष-विदेष से आये श्रद्धालु पहुंचे थे। यमुना जी की भोगमूर्ति को डोली में बिठाकर शनिदेव की अगुवाई में आज सुबह शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली गांॅव से यमुनोत्री गॉंव के लिए विदा किया गया। डोलीयात्रा के यमुनोत्री पहॅूुचने पर मंदिर प्रांगण में विषेष पूजा-अर्चना की गई। यमुना जी का अभिषेक करने के उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुभमुहूर्त पर यमुनोत्री मंदिर के कपाट दर्षनार्थियों के लिए खोल दिए गए और खरसाली से लाई गई भोगमूर्ति को मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया। यमुनोत्री में आयोजित कपाटोद्घाटन समारोह में प्रदेष के आपदा प्रबंधन मंत्री खजानदास, भाजपा प्रदेष अध्यक्ष बिषन सिंह चुफाल, चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल सहित यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारी, जन-प्रतिनिधि तथा अधिकारीगण उपस्थित रहे। आपदा प्रबंधन मंत्री ने यमुनोत्री धाम सहित यात्रा मार्गों पर की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को तीर्थयात्रियों की सुख-सुविधाओं का पूरा ध्यान रखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुव्यवस्थित व निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए सभी विभाग बेहतर समन्वय बना कर कार्य करें।
इधर अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गॉंव से गत दिन रवाना हुई गंगाजी की डोलीयात्रा भैराैंंघाटी मंें रात्रि विश्राम करने के बाद आज प्रातः गंगोत्रीधाम पहुंची। जहॉं वैदिक मंत्रोच्चार व पूजा-अभिषेक के साथ गंगोत्री मंदिर के कपाटोद्घाटन कर गंगा जी की भोगमूर्ति को मंदिर में प्रतिष्ठित कराया गया। समारोह के दौरान सेना के बैंड एवं स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर स्वरलहरियोें के साथ ही ‘हर-हर गंगे’ के उद्घोष से गंगोत्रीधाम गॅूंजता रहा। इस सुवअवसर पर बड़ी संख्या में देष-विदेष से आये श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति व मॉं गंगा जी की प्रतिमा के निर्वाण दर्षन कर पुण्य व मोक्ष की कामना की।

शुक्रवार, 6 मई 2011

डॉ. डोभाल बने यूकॉस्ट के महानिदेषक

डॉ. डोभाल बने यूकॉस्ट के महानिदेषक
देहरादून 06 मईए 2011 . उत्तराखखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के निदेषक डॉ. राजेन्द्र डोभाल को यूकॉस्ट का महानिदेषक बनाया गया है। डॉ. डोभाल द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों के लिए उन्हें महानिदेषक के पद पर तैनात किया गया है। इससे राज्य में विज्ञान की गतिविधियों को संचालित करने में और तेजी आयेगी। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा डॉ. डोभाल के महानिदेषक बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई है।

शुक्रवार, 11 मार्च 2011

पशु प्रदर्शनी में गोपाल की गाय को मिला सर्वोत्तम पशु का स्थान


पशु प्रदर्शनी में गोपाल की गाय को मिला सर्वोत्तम पशु का स्थान
पंतनगर। 11 मार्च, 2011। पंतनगर विश्वविद्यालय में चल रहे चार-दिवसीय किसान मेले के तीसरे दिन आज पशुचिकित्सा एवं पशुपालन विज्ञान महाविद्यालय के प्रांगण में पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें पशुपालकों ने अपने पशुओं का विभिन्न वर्गों में प्रदर्शन किया। इस पशु प्रदर्शनी में पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रकाषन निदेषालय में कार्यरत श्री गोपाल सिंह नेगी पुत्र श्री नैन सिंह नेगी की दुधारू हालिस्टीन गाय को कार्यवाहक कुलपति, डा. जे. कुमार ने सर्वोत्तम पशु के रूप में रिबन पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पशुचिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता, डा. जी.के. सिंह; निदेषक प्रसार षिक्षा, डा. वाई.पी.एस. डबास; एवं चयन मण्डल के सदस्य भी उपस्थित थे। इस पशु प्रदर्शनी में कुल 43 प्रविष्टियाँ सम्मिलित थीं जिन्हें 9 वर्गों में प्रदर्षित किया गया था। जर्सी संकर बछिया वर्ग में आजाद की बछिया कोे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ जबकि जर्सी संकर गाय वर्ग में प्यारे लाल की गाय प्रथम रही। हालिस्टीन बछिया वर्ग में राकेष चन्द्र जोषी की बछिया ने बाजी मारी तो हालिस्टीन दुधारू गाय वर्ग में गोपाल सिंह नेगी की ही गाय प्रथम रही। हालिस्टीन गाभिन गाय वर्ग में मुकेष की गाय प्रथम रही जबकि हालिस्टीन गोवत्स वर्ग में सुनील का गोवत्स प्रथम रहा। हालिस्टीन गाभिन बछिया वर्ग, हालिस्टीन गाय वर्ग तथा भैंस पडिया वर्ग में किसी भी पषु को प्रथम स्थान प्राप्त नहीं हुआ।
किसान मेले में आज भी बड़ी संख्या में किसानों का आना जारी रहा। मेले में विश्वविद्यालय के विभिन्न शोध केन्द्रों एवं विश्वविद्यालय फार्म तथा निजी कम्पनियों द्वारा लगाये गये स्टालों पर बीजों एवं पौधों की खरीद जारी रही। प्रकाशन निदेशालय, एटिक एवं आई.सी.ए.आर. के स्टॉलों पर किसानों एवं विद्यार्थियों ने पुस्तकों, किसान डायरी एवं सी.डी. का क्रय किया। मेले में रोटरी क्लब पंतनगर एवं पंजाब नेषनल बैंक पंतनगर के संयुक्त तत्वाधान में सरस्वती षिषु मंदिर, पंतनगर के छात्र-छात्राओं द्वारा ’पालीथीन हटाओ, पर्यावरण बचाओ‘ रैली निकाली गयी लिये हुए आगन्तुकों से पालीथीन के थैले लेकर बदले में कपड़े के थैले दिये गये। विश्वविद्यालय के परिवहन विभाग द्वारा पुराने टायरों की नीलामी की गयी। गांधी हाल में आयोजित विशेष व्याख्यान माला के अंतर्गत ‘ग्राम पंचायत स्तर पर परिवार सहयोगी कार्यक्रमों का प्रबन्धन एवं संचालन’ विषय पर डा. आभा अहूजा ने महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी तथा किसान गोष्ठी में किसानों की खेती से सम्बन्धित विभिन्न समस्याओं का विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने समाधान बताया। रात्रि में गांधी हाल में किसानों के मनोरंजन हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। कल मेले का अन्तिम दिन है जिसमें अपराह्न में गांधी हाल में समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा।


किसान मेले में कृषि मंत्री करेंगे पुरस्कार प्रदान
पंतनगर। 11 मार्च, 2011। पंतनगर विश्वविद्यालय में चल रहे चार-दिवसीय किसान मेले के समापन के अवसर पर कल उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री, श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत विभिन्न विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। गांधी हाल में आयोजित होने वाले समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में श्री रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। इस अवसर पर वे किसान मेले में चार दिनों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं यथा उद्यान प्रदर्षनी एवं प्रतियोगिता, पषु प्रदर्षनी एवं प्रतियोगिता तथा जुताई प्रतियोगिता में विभिन्न स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान करेंगे। साथ ही मेले में लगाये गये विभिन्न वर्गों के स्टॉलों को भी उनके प्रदर्षन व बिक्री के आधार पर पुरस्कृत किया जायेगा। समापन समारोह सायं 3.00 बजे से आयोजित होगा।

रविवार, 21 नवंबर 2010

टमाटर हडियों को मजबूत करने में सहायक

देहरादून 21 नवम्बर, 2010
ब्रिटिश अखबार डेली मेल में प्रकाषित खबर के अनुसार कनाडा में यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के वैज्ञानिकों द्वारा किये गये ताजा अध्ययन से पता चला है कि अगर रोजाना दो गिलास टमाटर का रस पीया जाय, तो इससे हड्डियों को मजबूती मिलेगी। उनके अनुसार टमाटर में मौजूद लाइकोपीन एक एंटी ऑक्सीडेंट है। यह पुरुषों के प्रॉस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने में और दिल की बीमारियों से बचाव करने में सहायक है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने 50 से 60 वर्ष की उम्र वाली 60 महिलाओं को एक महीने के लिए अपने भोजन से टमाटर को हटाने के लिए कहा। इसके परिणाम चौंकाने वाले थे। उन महिलाओं के खून में एन-टीलोपेप्टाइड रसायन के स्तर में वृद्धि देखी गई। वास्तव में खून में इस रसायन का स्तर बढ़ने से हड्डियों के टूटने की आशंका बढ़ जाती है। बाद में चार महीने के लिए उन्हीं महिलाओं को हरेक दिन टमाटर का रस दिया गया। इससे उनके खून में हड्डियों को कमजोर करने वाले रसायन के स्तर में कमी आई।

शुक्रवार, 13 अगस्त 2010

बौद्धिक संपदा पर दो दिवसीय कार्यषाला शुरू

देहरादून 13 अगस्त, 2010 (एजेंसी) उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिक परिषद (यूकॉस्ट) एवं राष्ट्रीय शोध विकास निगम (एनआरडीसी) की ओर से बौद्धिक संपदा तथा ज्ञान युग में खोज प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्घाटन करते हुए प्रो. एएन पुरोहित ने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार के संबंध में युवा वैज्ञानिकों को जानकारी व जागरूकता उन्हें भविष्य में अपने शोध कार्यों को पेटेंट द्वारा संरक्षण कर उसके औद्योगिकीकरण में सहायता करेगी। यूकॉस्ट के निदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंउ ज्ञान संपदा तथा अपनी सूझबूझ से किए गए अविष्कारों से भरी पड़ी है तथा उसे संबंधित विशेषज्ञों व वैज्ञानिक समुदाय द्वारा निखार एवं सुधार कर एक नए कलेवर में प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को एक नया बौद्धिक संपदा अधिकार केंद्र स्थापित करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है।
एनआरडीसी के उपप्रबंधक वीके जैन ने कहा कि उत्तराखंड तथा राष्ट्र के शोध कर्मी एक और महत्वपूर्ण समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन एनआरडीसी द्वारा इस दिशा में अब तक किए गए प्रयासों के सार्थक फल हमे शीघ्र ही दिखाई देंगे।

बुधवार, 11 अगस्त 2010

वैज्ञानिक उपाध्याय ने जिंगो बाइलोबा के 1100 पौध तैयार की

11 अगस्त, 2010: देहरादून एजेंसी
सेंटर काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेद के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार डा. एस.के. उपाध्याय ने जिंगो बाइलोबा नामक चमत्कारिक पौधे की करीब 1100 पौध तैयार की हैं। यह पौधा करोड़ों वर्ष पुराना है, जो अभी तक देश में कुछ जगह ही पाया जाता है था और विलुप्ति के कगार पर है। अब इसे पौधे तैयार होने से इसे देशभर बांटा जा सकेगा। प्रागैतिहासिक काल से भी करोड़ों वर्ष पूर्व का जिंगो नामक यह पौधा विश्व में बेहद कम हैं। पूरे भारत में केवल सात पौधे हैं, वो भी उत्तराखंड में। औषधीय गुणों से लबरेज यह पौधा बुढ़ापे के स्मृति लोप के अलावा हृदय रोग, कैंसर, ग्लूकोमा और डिप्रेशन जैसी बीमारियों को दूर करता है। इस पौधे पर कई खोज हो चुकी हैं। खासकर चीन और जापान के वनस्पति विज्ञानियों ने इस पर काफी काम किया है। बकौल डॉ. उपाध्याय, कार्बन डेटिंग के हिसाब से वैज्ञानिकों ने इस पौधे का इतिहास करीब 27 करोड़ वर्ष पुराना आंका है। मैरीलेंड मेडिकल सेंटर, अमेरिका ने इसकी पुष्टि की है। भारत में इस पौधे की उपलब्धता कम होने से यहां के वैज्ञानिक इस पर कोई खोज करने में अब तक अक्षम रहे हैं। जबकि बुढ़ापे की बीमारियों पर लगातार खोज करने वाले जर्मनी के वैज्ञानिक प्रो. राल ऐले की रिसर्च बताती है कि जिंगो का प्रयोग करने से धमनियों में रक्त प्रवाह में होने वाली बाधा, जिससे हृदय रोग होता है और गठिया जैसी बीमारियां दूर की जा सकती हैं।